खुदको इतना बदला है की उसके बदलने का गम नहीं,
अकेले होकर भी अकेले रहनेका अब तो डर नहीं,
उसने नयी ज़िन्दगी अपनाई किसीके बहकावे में आकर,
मैंने नयी ज़िन्दगी स्वीकार की सिर्फ तुम्हारे खातिर,
शुक्रगुजार हु उनका की वोह मुझे छोडके चले गए,
नहीं तो मैं कभी धुंद नहीं पाता खुदकी पहेचान फिर कभी,
खुदको इतना बदला है की उसके बदलने का गम नहीं,
अकेले होकर भी अकेले रहनेका अब तो डर नहीं.
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